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Tuesday, May 28, 2019

लव 86 (1986)

लव 86

परिचय : 

निर्माता प्राणलाल मेहता कृत लव 86 का निर्देशन इस्माइल श्रॉफ ने करा है, जोकि एक संगीतमय फिल्म कही जा सकती है जिस के सभी गीत T- सीरीज़ द्वारा उपलब्ध कराये गए थे I

कलाकार :

गोविंदा, नीलम, रोहन कपूर (गायक महेंद्र कपूर के सुपुत्र) और फरहा मुख्य भूमिकाओं में थे, शेष कलाकारों में तनूजा, सतीश शाह, रवि वासवानी, शफी इनामदार , सुधीर दलवी, गुड्डी मारुती, असरानी, बीरबल, अनजन श्रीवास्तव राज किशोर, दिनेश हिंगू, राज किशोर और जॉनी लीवर आदि I

संगीत : 

लक्ष्मीकांत प्यारेलाल की मधुर धुनें और S.H. बिहारी (शम्सुल हुदा बिहारी), समीर, संतोष आनंद , प्रेम पंडित के गीत शानदार कहे जा सकते हैं इस फिल्म के सभी गीत उस समय बहुत मशहूर हुए थे I

गीत : 

"प्यार की हद से आगे निकल आये हम, आ मोहब्बत को कोई नया नाम दें" संतोष आनंद की ये रचना शानदार बन पड़ी है और मोहम्मद अज़ीज़, कविता कृष्णामूर्ती ने क्या खूब गाया है इस गीत को पहले मोहम्मद अज़ीज़ और  सुमन कल्याणपुर की आवाज़ में रिकॉर्ड किया गया था परन्तु उस गीत को न तो फिल्म में शामिल किया गया न ही कैसेट पर स्थान मिला I

अगली रचना S.H. बिहारी की है यह गीत भी मधुर और सुरीला बन पड़ा है "मेहबूब से हमारे बादे सबा हमारा, इतना पयाम कहना दिल का सलाम कहना" यह भी मोहम्मद अज़ीज़ और कविता कृष्णामूर्ती ने मिलकर गाया है यह गीत भी अज़ीज़ और सुमन की आवाज़ में रिकॉर्ड हुआ था लेकिन यह गीत भी फिल्म और रिकॉर्ड की ज़ीनत न बन सका I

अगला गीत थोड़ा चुलबुला और डिस्को टाइप है" ओ मिस देदे किस्स आया है 86" गीत मज़ेदार है और उस समय काफी हिट भी हुआ था सुरेश वाडेकर और शैलेन्द्र सिंह ने मिलकर इस गीत को गाया है प्रेम पंडित के बोल हैं I

"किस्मत अपनी खुल गई" साधारण रचना है लिखा समीर ने है अनुराधा पौड़वाल और हेमलता ने आवाज़ दी है 
अगला गीत उन नौजवानो के लिए हैं जो हर समय शादी का सपना देखते हैं "आई है बरात डोली लेकर जायेगी, लड़की वालों को बधाई देकर जाएगी" शब्बीर कुमार, सुरेश वाडेकर और साथियों ने मिलकर गाया है कलाम S.H. बिहारी का है I

फिल्म का अंतिम गीत मैं" जब भी देखता हूँ  आपकी आँखों  को अपनी बर्बादी नज़र आती है मुझको"  मधुर और गुनगुनाने लायक है लिखा S H बिहारी ने आवाज़ में ढाला है शब्बीर कुमार और कविता कृष्णा मूर्ती ने

फिल्म में कुल 6 गीत हैं जिसमे आवाज़ का जादू मोहममद अज़ीज़, शब्बीर कुमार, सुरेश वाडेकर, शैलेन्द्र सिंह, अनुराधा पौडवाल, हेमलता, और कविता कृष्णामूर्ती ने बिखेरा हैं

यह लेख आपको कैसा लगा अपने विचार और प्रतिक्रिया और आप किस फिल्म के गीतों की समीक्षा चाहते हैं Comment Box में ज़रूर लिखें
धन्यवाद  

जारी.....