Tuesday, November 12, 2019

Dil Hai Ke Manta Nahin (1991)


1991 में  फिल्म "दिल है की मानता नहीं" का संगीत रिलीज़ हुआ, जोकि काफी मधुर था , अल्बम में कुल 10 गीत थे,  बाद में शीर्षक गीत "दिल है की मानता नहीं (दोगाना)" कुमार सानू और अनुराधा पौडवाल से गवाकर गीतों की संख्या को 11 कर दिया गया ।

एल्बम सुपर हिट हो जाता है लेकिन अल्बम में कुमार सानू की आवाज़ कहीं सुनाई नहीं देती, अल्बम में  5 गीत बाबला मेहता से गवाए गए थे, जोकि उस समय काफी लोकप्रिय और हिट थे ।

कुछ दिन बाद फिल्म रिलीज़ होती है, फिल्म में बाबला मेहता के सभी गीतों को कुमार सानू से रिप्लेस कर दिया जाता है यही नहीं उसके बाद जो इस फिल्म की ऑडियो कैसेट या CD रिलीज़ हुयी उस में भी हमें कुमार सानू ही की आवाज़ ही सुनाई दी और इस तरह बाबला मेहता कहीं गायब से हो गए ।

आइये जानते हैं इस फिल्म के गीतों के बारे मैं ।

संगीतकार : नदीम श्रवण
गीतकार : समीर, फैज़ अनवर, अज़ीज़ खान शाहनी, रानी मालिक
Label : T-Series ‎– SHFC 1/2145, SCI ‎
Released : Feb 
1991


Sound Track 


  1. दिल है की मानता नहीं। .... अनुराधा पौडवाल (फैज़ अनवर)
  2. ओ मेरे सपनो के सौदागर। ...अनुराधा पौडवाल (समीर)
  3. अदाएं भी हैं मोहब्बत भी है...बबला मेहता, अनुराधा (समीर)
  4. तू प्यार है किसी और का। ...बाबला, अनुराधा (समीर)
  5. मैनु इश्क़ दा लगया रोग... अनुराधा पौडवाल (समीर)
  6. दिल तुझ पे आ गया..बाबला मेहता, अनुराधा (समीर)
  7. दुल्हन तू दूल्हा मैं बन जाऊँगा.... देबाशीष, अनुराधा (अज़ीज़ खान शाहनी )
  8. गळ्यात सांकली सोन्याची। ...बाबला, अनुराधा (समीर)
  9. हम तो मशहूर हुए .. अनुराधा पौडवाल (रानी मालिक)
  10. कैसे मिजाज़ आपके हैं ... बबला मेहता, अनुराधा (रानी मालिक)
  11. दिल है की मानता नहीं.... कुमार सानू , अनुराधा पौडवाल (फैज़ अनवर)



Movie Track 

  1. अदाएं भी हैं मोहब्बत भी है...कुमार सानू, अनुराधा (समीर)
  2. तू प्यार है किसी और का...बाबला, अनुराधा (समीर)
  3. दिल तुझ पे आ गया...अभिजीत, अनुराधा  (समीर)
  4. कैसे मिजाज़ आपके हैं ... कुमार सानू , अनुराधा (रानी मालिक)


Thursday, September 5, 2019

Dharam-Veer (1977)

Dharam-Veer (1977)

परिचय : 

निर्माता सुभाष देसाई की प्रस्तुति 1977 में प्रदर्शित सुपर हिट फिल्म धर्मवीर, इस फिल्म के निर्देशक मनमोहन देसाई थे, इस फिल्म के सभी गीत उस समय सुपर हिट हुए और आज भी उतने ही हिट हैं I

इस फिल्म के सभी गीत म्यूजिक कंपनी पॉलिडोर पर प्रस्तुत हुए थे, इस फिल्म के डायलॉग का भी रिकॉर्ड जारी हुआ था I

संगीत : 

आइये बात करते हैं इस फिल्म के गीतों की, इस फिल्म में  6 गीत थे, इस फिल्म के संगीतकार थे लक्ष्मीकांत प्यारेलाल और गीतकार थे आनंद बक्शी और स्वर दिया था लता मंगेशकर, मोहम्मद रफ़ी, किशोर कुमार, मुकेश, और आशा भोसले ने I

इस फिल्म का प्रथम गीत "सात अजूबे इस दुनिया में आठवीं अपनी जोड़ी " रफ़ी साहेब और मुकेश जी का गाया यह गीत दो भागो में था, प्रथम भाग के अन्तरे में बोल इस प्रकार हैं "यह लड़की है या रेशम की डोर है .... मुश्किल से काबू में आये लड़की हो या घोड़ी" यह बोल इस फिल्म के रिकॉर्ड पर उपलब्ध हैं, अगर आप फिल्म में देखेंगे तो गीत के बोल इस प्रकार हैं, "यह लड़की है या रेशम की डोर.... मुश्किल से काबू में आये थोड़ी ढील जो छोड़ी" I

अगला गीत "हम बंजारों  और साथियो की आवाज़ में की बात मत पूछो जी, जो प्यार किया सो प्यार किया " किशोर कुमार लता मंगेशकर और साथियो की आवाज़ में यह गीत शानदार है I

"मैं गलियों का राजा तू महलों की रानी" मोहम्मद रफ़ी का गाया यह गीत इस फिल्म की जान है यह गीत आप जितनी बार भी सुनो गे उतना ही उतना ही अच्छा लगेगा I

इसी तरह यह गीत भी आपको मस्ती से भरदेगा "ओ मेरी मेहबूबा तुझे जाना है तो जा तेरी मर्ज़ी मेरा क्या" ऐसा लगता है यह गीत रफ़ी साहब ने धर्मेन्द्र के लिए ही गाया  था I 

फिल्म की अगली और अंतिम रचना विट्ठल भाई पटेल की है " बंद हो मुट्ठी तो लाख की खुल जय तो फिर खाक की" साधारण है इस गीत को स्वर दिया है लता मंगेशकर आशा भोसले और साथियो ने I

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Tuesday, May 28, 2019

लव 86 (1986)

लव 86

परिचय : 

निर्माता प्राणलाल मेहता कृत लव 86 का निर्देशन इस्माइल श्रॉफ ने करा है, जोकि एक संगीतमय फिल्म कही जा सकती है जिस के सभी गीत T- सीरीज़ द्वारा उपलब्ध कराये गए थे I

कलाकार :

गोविंदा, नीलम, रोहन कपूर (गायक महेंद्र कपूर के सुपुत्र) और फरहा मुख्य भूमिकाओं में थे, शेष कलाकारों में तनूजा, सतीश शाह, रवि वासवानी, शफी इनामदार , सुधीर दलवी, गुड्डी मारुती, असरानी, बीरबल, अनजन श्रीवास्तव राज किशोर, दिनेश हिंगू, राज किशोर और जॉनी लीवर आदि I

संगीत : 

लक्ष्मीकांत प्यारेलाल की मधुर धुनें और S.H. बिहारी (शम्सुल हुदा बिहारी), समीर, संतोष आनंद , प्रेम पंडित के गीत शानदार कहे जा सकते हैं इस फिल्म के सभी गीत उस समय बहुत मशहूर हुए थे I

गीत : 

"प्यार की हद से आगे निकल आये हम, आ मोहब्बत को कोई नया नाम दें" संतोष आनंद की ये रचना शानदार बन पड़ी है और मोहम्मद अज़ीज़, कविता कृष्णामूर्ती ने क्या खूब गाया है इस गीत को पहले मोहम्मद अज़ीज़ और  सुमन कल्याणपुर की आवाज़ में रिकॉर्ड किया गया था परन्तु उस गीत को न तो फिल्म में शामिल किया गया न ही कैसेट पर स्थान मिला I

अगली रचना S.H. बिहारी की है यह गीत भी मधुर और सुरीला बन पड़ा है "मेहबूब से हमारे बादे सबा हमारा, इतना पयाम कहना दिल का सलाम कहना" यह भी मोहम्मद अज़ीज़ और कविता कृष्णामूर्ती ने मिलकर गाया है यह गीत भी अज़ीज़ और सुमन की आवाज़ में रिकॉर्ड हुआ था लेकिन यह गीत भी फिल्म और रिकॉर्ड की ज़ीनत न बन सका I

अगला गीत थोड़ा चुलबुला और डिस्को टाइप है" ओ मिस देदे किस्स आया है 86" गीत मज़ेदार है और उस समय काफी हिट भी हुआ था सुरेश वाडेकर और शैलेन्द्र सिंह ने मिलकर इस गीत को गाया है प्रेम पंडित के बोल हैं I

"किस्मत अपनी खुल गई" साधारण रचना है लिखा समीर ने है अनुराधा पौड़वाल और हेमलता ने आवाज़ दी है 
अगला गीत उन नौजवानो के लिए हैं जो हर समय शादी का सपना देखते हैं "आई है बरात डोली लेकर जायेगी, लड़की वालों को बधाई देकर जाएगी" शब्बीर कुमार, सुरेश वाडेकर और साथियों ने मिलकर गाया है कलाम S.H. बिहारी का है I

फिल्म का अंतिम गीत मैं" जब भी देखता हूँ  आपकी आँखों  को अपनी बर्बादी नज़र आती है मुझको"  मधुर और गुनगुनाने लायक है लिखा S H बिहारी ने आवाज़ में ढाला है शब्बीर कुमार और कविता कृष्णा मूर्ती ने

फिल्म में कुल 6 गीत हैं जिसमे आवाज़ का जादू मोहममद अज़ीज़, शब्बीर कुमार, सुरेश वाडेकर, शैलेन्द्र सिंह, अनुराधा पौडवाल, हेमलता, और कविता कृष्णामूर्ती ने बिखेरा हैं

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जारी.....

Sunday, May 26, 2019

बॉय फ्रेंड (1961)

बॉय फ्रेंड (1961)

परिचय : 

N.S फिल्म्स द्वारा निर्मित, नरेश गोयल द्वारा निर्देशित फिल्म बॉय फ्रेंड (1961) एक संगीतमय फिल्म कही जा सकती है जिसके सभी गीत H.M.V Lebeal द्वारा प्रस्तुत किये गए थे I

कलाकार :

शम्मी कपूर और मधुबाला इस फिल्म के मुख्य किरदारों में थे, अन्य किरदारों में अभिनेता धर्मेंद्र (उस समय नए थे इस लिए उन पर कोई गीत फिल्मांकन नहीं हुआ, हालाँकि उन की पहली फिल्म दिल भी तेरा हम भी तेरे (1961) प्रदर्शित हो चुकी थी) निशि (अपने जमाने के निर्माता निर्देशक राजकुमार कोहली की पत्नी और आज के अभिनेता अरमान कोहली की माता जी ), धूमल, मारुती, शिवराज, राधेश्याम, सुरेश कुमार, केवक कुमार, अमीरबाई कर्नाटकी आदि भी नज़र आये थे I

संगीत : 

आइये अब बात करते हैं इस फिल्म के संगीत की, शंकर जयकिशन की मधुर धुनों से सजे और हसरत जयपुरी, शैलेन्द्र द्वारा रचित इस फिल्म के गीत उस समय काफी मक़बूल हुए थे J

गीत : 

मोहम्मद रफ़ी द्वारा गाया गीत " सलाम आपकी मीठी नज़र को सलाम" हसरत द्वारा लिखित यह गीत मधुर और कर्णप्रिये तो था ही उस समय हर किसी की ज़ुबान पर था जिसे लोग आज भी सुनते और गुनगुनाते हैं

अगला गीत "मुझे अपना यार बना लो फिर हो जाऊ संसार का" दो भागो वाला यह गीत भी हसरत जयपुरी के ही कलम का कमाल था  पहला भाग जो की तेज़ गति का है जिसे रफ़ी साहब ने खास शम्मी के अंदाज़ में गाया था काफी मज़ेदार गीत बन पड़ा है दूसरा भाग घीमी गति का है जो की सुनने में अच्छा बन पड़ा है, न जाने इन दो  गीतों के बोलों में सेंसर बोर्ड को क्या आपत्ति नज़र आई जो "फिर देखो मज़ा प्यार का" को बदलकर "फिर हो जाऊँ संसार का" करना पड़ा

सेंसर बोर्ड का शिकार इस फिल्म के अगले गीत को भी होना पड़ा, यह गीत भी दो भागो में था पहला भाग सुबीर सेन ने गाया था "देखो न जाओ ए जानेमन दिल न दुखाओ ए जानेमन"दूसरा भाग लता मंगेशकर ने गाया था जिसके बोल "जानेमन" में सेंसर बोर्ड ने आपत्ति दिखाई जिस वजह से "जानेमन" को बदलकर "बेरहम" करना पड़ा, शैलेन्द्र द्वारा रचित यह गीत मधुर के साथ चंचल भी बन पड़ा है,

हसरत द्वारा लिखित, रफ़ी और आरती मुखर्जी द्वारा स्वरबद्ध किया हुआ अगला गीत "आइगो आइगो यह क्या हो गया" साधारण है

"धीरे चल धीरे चल ए भीगी हवा" हसरत  द्वारा लिखा और अगला गीत "क्यों जी मुझे पहचाना" शैलेन्द्र की रचना रफ़ी द्वारा गाये ये दोनों गीत भी साधारण हैं

फिल्म में कुल आठ गीत हैं जिन्हे गाय है मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर, सुबीर सेन , आरती मुखर्जी ने

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